Tuesday, November 24, 2020
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प्रार्थना का हमारे जीवन में महत्व

प्रार्थना महत्व :

ईश्वर से अपने दिल की बात कहना ही प्रार्थना है,इससे व्यक्ति अपने या दूसरों की इच्छापूर्ति का प्रयास करता है। प्रार्थना का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है, कहते हैं दिन की शुरुआत प्रार्थना से ही होनी चाहिए क्योंकि प्रार्थना व्यक्ति के विचारों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करके उसे उत्साह प्रदान करती है। प्रार्थना व्यक्ति को आंतरिक बल,उत्साह और आशा प्रदान करती है।

प्रार्थना कोई व्यक्ति अकेले भी कर सकता है और प्रार्थना समूह में भी की जाती है। कोई प्रार्थना एक साथ कई लोग करें तो वह ज्यादा प्रभावशाली होती है, एक साथ प्रार्थना करने पर प्रकृति में तेजी से बदलाव होता है

प्रार्थना का भाव हमेशा सच्चा होना चाहिए उसमें किसी के लिए कोई द्वेष नहीं होना चाहिए। प्रार्थना तभी स्वीकार होती हैं होती हैं जब उसके पीछे का भाव अच्छा और नेक हो । किसी भी चीज की कामना हम प्रार्थना के द्वारा करते हैं।

faith and pray

प्रार्थना हमें, हमारे मन को एकाग्र करने में मदद करती है यही कारण है कि स्कूलों में दिन की शुरुआत प्रार्थना से ही होती है ताकि बच्चे दिनभर सकारात्मक महसूस कर सकें, अपने मन को एकाग्र कर अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सके और अपनी मंजिल निर्धारित कर सकें। जैसे जैसे हम बड़े होते जाते हैं प्रार्थना हमारे दिनचर्या से गायब हो जाती है।

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  • आजकल के तनावपूर्ण जीवन में प्रार्थना का महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रार्थना आपके तनाव को कम करने की गारंटी नहीं है
  • लेकिन आपको सकारात्मक उर्जा देकर उत्साहवान और ऊर्जावान जरूर बनाती है जिससे आप मुश्किलों का सामना करने में सक्षम हो सकें। प्रार्थना से ही हमारे मन को सुकून मिलता है।

हालांकि प्रार्थना का अर्थ यह बिल्कुल भी नहीं कि आप सब कुछ काम छोड़कर सिर्फ भगवान की मूर्ति के आगे बैठकर प्रार्थना करते रहे, कर्म का अपना अलग ही महत्व है। प्रार्थना कर्म की जगह नहीं ले सकती और ना ही कर्म प्रार्थना का स्थान ले सकते हैं।

प्रार्थना हमें अहंकार रहित रहना सिखाती है, प्रार्थना ही है जो हमें विनम्र और सहनशील रहना सिखाती है (हालांकि सहनशीलता का अर्थ यह बिल्कुल भी नहीं कि आप किसी गलत चीज को बर्दाश्त करें। सहनशील होने का अर्थ यह है कि आप भगवान पर विश्वास रखें और धैर्य से काम ले)। मजबूती सहनशीलता से ही आती है, सहनशील व्यक्ति ही मजबूत होता है।

प्रार्थना हमें सीधे भगवान से जोड़ती है और प्रार्थना ही है जो हमें भगवान का हमारे पास और हमारे साथ होने का एहसास कराती है। हमें प्रार्थना को अपने दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि हमारे दिन की शुरुआत प्रार्थना से ही हो और प्रार्थना हमें सच्चे दिल से करनी चाहिए प्रार्थना ही है जो चमत्कार करवाती है

हम न सोचें हमें क्या मिला है
हम ये सोचें किया क्या है अर्पण
फूल खुशियों के बाटें सभी को
सबका जीवन ही बन जाये मधुबन
अपनी करुणा को जब तू बहा दे
करदे पावन हर इक मन का कोना
हम चलें नेक रास्ते पे 
हमसे भूलकर भी कोई भूल हो ना।।

क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि आपने सच्चे दिल से प्रार्थना की हो और वह प्रार्थना कबूल ना हुई हो??

हां या ना अपने जवाब कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें

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